ब्रज की सबसे बड़ी चोरी:

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ब्रज की सबसे बड़ी चोरी: मथुरा में 7 घंटे में उड़ाया 14 करोड़ का सोना और कैश

कोसीकलां के सर्राफा शोरूम में चोर ने बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया। करीब 10.50 किलो सोना और 15 लाख रुपये नकद चोरी होने से पुलिस महकमे में हड़कंप है।

📍 कोसीकलां, मथुरा 🕘 रात 9:57 बजे प्रवेश 🌅 सुबह करीब 5:15 बजे बाहर निकला 📰 Vardat News
मथुरा के कोसीकलां से सामने आई करोड़ों रुपये की चोरी ने पूरे ब्रज क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि शुरुआती जांच में पूरी वारदात को एक ही चोर द्वारा अंजाम दिए जाने की आशंका है।
₹14 करोड़ चोरी हुए माल की अनुमानित कीमत
10.50 किलो लगभग सोना और आभूषण
₹15 लाख नकद रकम

सात घंटे तक शोरूम में रहा चोर

कोसीकलां के सर्राफा बाजार में जुगलकिशोर और अमित कुमार सर्राफ का शोरूम बताया जा रहा है। चोर ने मुख्य रास्ते का इस्तेमाल करने के बजाय पीछे की दुकान की ओर से छत तक पहुंचने का रास्ता चुना।

वह छत पर पहुंचा और वहां से कूदकर सर्राफ के शोरूम की छत पर आ गया। इसके बाद रात करीब 9:57 बजे उसने शोरूम के अंदर प्रवेश किया। जांच में यह बात सामने आई है कि उसे शोरूम की अंदरूनी व्यवस्था की अच्छी जानकारी थी।

चोर को चाबी कहां रखी जाती है, सोना-चांदी और नकदी किस स्थान पर रहती है, इसकी जानकारी पहले से होने की आशंका है। उसने जल्दबाजी के बजाय काफी समय लेकर एक-एक करके कीमती सामान और नकदी को इकट्ठा किया।

वारदात की अवधि करीब सात घंटे बताई जा रही है। चोर ने शोरूम के अंदर पानी भी पिया और सुबह करीब सवा पांच बजे दो बैग/थैलों के साथ बाहर निकला।

शोरूम के नाम वाला थैला बना अहम सुराग

सुबह जब चोर शोरूम से बाहर निकला तो उसके हाथ में एक पीले रंग का थैला था, जिस पर उसी शोरूम का नाम छपा हुआ बताया गया है। उसके कंधे पर एक पिट्ठू बैग भी था। आशंका है कि इसी बैग में सोना, आभूषण और नकदी रखी गई थी।

सीसीटीवी फुटेज में चोर ने अपने चेहरे से लेकर कमर तक के हिस्से को काले कपड़ों से ढक रखा था। इससे उसकी पहचान करने में पुलिस को मुश्किल हो रही है।

कैमरों से बचने के लिए बार-बार बदला रास्ता

चोरी के बाद चोर की सबसे बड़ी चिंता सीसीटीवी कैमरों से बचना दिखाई दी। बाजार में लगे कैमरों की जानकारी होने के कारण वह सीधे रास्ते पर आगे बढ़ने के बजाय कई जगह रुकता और रास्ता बदलता नजर आया।

पुलिस के अनुसार, जब उसे लगा कि किसी कैमरे में उसकी गतिविधि रिकॉर्ड हो सकती है, तो उसने आसपास घूमकर आगे बढ़ने की कोशिश की। बाद में वह कबाड़ी बाजार होते हुए बलदेवगंज की तरफ पहुंचा।

ई-रिक्शा में बैठकर निकला, फिर गायब

रात 9:57 बजे शोरूम के अंदर प्रवेश करने की जानकारी सामने आई है।
करीब 7 घंटे शोरूम के अंदर रहकर सोना, आभूषण और नकदी एकत्र करने की आशंका।
सुबह करीब 5:15 बजे चोर थैला और पिट्ठू बैग लेकर शोरूम से बाहर निकला।
बलदेवगंज एक ई-रिक्शा में बैठा और कुछ दूरी के बाद उतर गया।
इसके बाद गलियों के रास्ते आगे जाने की आशंका, जिसकी CCTV फुटेज तलाश की जा रही है।

सिर्फ एक ई-रिक्शा तक पहुंची पुलिस

जांच के दौरान पुलिस को बलदेवगंज इलाके में वह ई-रिक्शा महत्वपूर्ण सुराग के रूप में मिला, जिसमें चोर बैठा था। बताया जा रहा है कि उसने किराये को लेकर ज्यादा बातचीत नहीं की और सिर्फ जाने की जगह बताई।

आशंका है कि वह पुलिस चौकी से पहले ही कहीं रास्ते में उतर गया और फिर गलियों के रास्ते आगे बढ़ गया। पुलिस अब आसपास की गलियों, बाजार और संभावित रास्तों के CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है।

पूर्व कर्मचारी पर पुलिस का शक

इस मामले में पुलिस की जांच एक पूर्व कर्मचारी तक भी पहुंची है। बताया जा रहा है कि एक कर्मचारी करीब दो साल पहले शोरूम से अलग हो गया था। पुलिस को आशंका है कि उसे शोरूम की व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी हो सकती है।

⚠ जांच का महत्वपूर्ण पहलू किसी व्यक्ति पर शक होना उसे अपराधी साबित नहीं करता। पुलिस को पूर्व कर्मचारी की भूमिका साबित करने के लिए CCTV, तकनीकी जांच और अन्य ठोस साक्ष्यों की जरूरत होगी।

पुलिस जब संदिग्ध पूर्व कर्मचारी के घर पहुंची तो वह वहां नहीं मिला। परिवार की ओर से बताया गया कि वह उत्तराखंड में पत्नी और बच्चों के साथ रहता है और काफी समय से घर नहीं आया है।

क्या चोरी से पहले की गई थी पूरी रेकी?

करोड़ों रुपये के सोने और नकदी को इतनी आसानी से एकत्र कर ले जाना कई सवाल खड़े करता है। पुलिस को आशंका है कि वारदात से पहले शोरूम की रेकी की गई होगी।

चोर को चाबी, कीमती सामान रखने की जगह और बाहर निकलने के रास्तों की जानकारी होने की संभावना है। इसके साथ ही जिस तरह वह CCTV कैमरों से बचने की कोशिश करता रहा, उससे भी यह संकेत मिलता है कि उसने पहले से काफी तैयारी की होगी।

मोबाइल नंबर भी बना जांच की चुनौती

जांच में पुलिस के सामने मोबाइल नंबर से जुड़ी समस्या भी सामने आई है। जिस पूर्व कर्मचारी पर शक है, उसका पुराना मोबाइल नंबर अब इस्तेमाल में नहीं है। परिवार से नए नंबर की जानकारी मांगी गई, लेकिन तत्काल कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी।

ऐसे में मोबाइल लोकेशन के जरिए उसकी गतिविधियों का पता लगाने में पुलिस को मुश्किल हो रही है। अब जांच मुख्य रूप से CCTV फुटेज, स्थानीय लोगों की जानकारी, ई-रिक्शा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।

वृंदावन में भी हुई थी 2.90 करोड़ की चोरी

ब्रज क्षेत्र में हाल के समय में बड़ी चोरी का एक और मामला वृंदावन से सामने आया था। वहां 9 जून को गुजरात के व्यापारी राकेश प्रजापति के फ्लैट से करीब 2.90 करोड़ रुपये के आभूषण और नकदी चोरी होने की बात सामने आई थी।

पुलिस ने इस मामले का खुलासा 14 जुलाई को किया था। जांच में गेस्ट हाउस मालिक और उसके साथी के शामिल होने की बात सामने आई थी।

कोसीकलां की मौजूदा वारदात में चोरी हुए सोने और नकदी की अनुमानित कीमत करीब 14 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जिससे यह मामला ब्रज क्षेत्र की सबसे बड़ी चोरी की घटनाओं में चर्चा में आ गया है।

मथुरा के कोसीकलां की यह वारदात पुलिस और बाजार की सुरक्षा व्यवस्था के सामने कई गंभीर सवाल खड़े करती है। एक व्यक्ति का कई घंटों तक शोरूम के अंदर रहना, बड़ी मात्रा में सोना और नकदी इकट्ठा करना और फिर CCTV से बचते हुए निकल जाना जांच एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस वारदात को वास्तव में अकेले चोर ने अंजाम दिया या इसके पीछे किसी और व्यक्ति अथवा नेटवर्क की भूमिका है। CCTV फुटेज और तकनीकी जांच से आने वाले दिनों में इस मामले की तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।

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