Dahagram Angarpota: भारत के अंदर मौजूद बांग्लादेश का इलाका | तीन बीघा कॉरिडोर की पूरी कहानी
🚨 BREAKING NEWS | भारत के अंदर मौजूद है बांग्लादेश का इलाका! यहां नहीं चलता भारतीय कानून और न ही भारतीय रुपया...

दहाग्राम-अंगारपोटा

भारत की सीमा के भीतर मौजूद बांग्लादेश का अनोखा इलाका

Dahagram Angarpota
दहाग्राम-अंगारपोटा — दुनिया के सबसे अनोखे सीमा क्षेत्रों में से एक
भारत की सीमा के अंदर एक ऐसा इलाका मौजूद है जहां भारतीय कानून लागू नहीं होता, भारतीय रुपया नहीं चलता और वहां रहने वाले सभी लोग बांग्लादेश के नागरिक हैं।

पश्चिम बंगाल के कूच बिहार जिले से घिरा दहाग्राम-अंगारपोटा दुनिया के सबसे अनोखे भूभागों में गिना जाता है। लगभग 18.5 वर्ग किलोमीटर में फैला यह इलाका पूरी तरह भारत से घिरा हुआ है, लेकिन कानूनी रूप से यह बांग्लादेश का हिस्सा है।

18.5

वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल

20,000+

बांग्लादेशी नागरिक

178 मीटर

तीन बीघा कॉरिडोर

24×7

कॉरिडोर खुला रहता है

यहां के लोग हैं बांग्लादेशी नागरिक

इस इलाके में रहने वाले करीब 20 हजार से अधिक लोग बांग्लादेश के नागरिक हैं। यहां प्रशासन, पुलिस, सरकारी सेवाएं और कानून पूरी तरह बांग्लादेश सरकार के अनुसार संचालित होते हैं। यहां के घरों पर बांग्लादेश का राष्ट्रीय ध्वज लहराता है।

भारतीय रुपया नहीं चलता

हालांकि यह इलाका भारत की सीमा से घिरा हुआ है, लेकिन यहां भारतीय रुपया मान्य नहीं है। यहां की पूरी अर्थव्यवस्था बांग्लादेशी टका पर आधारित है। स्थानीय लोग खरीदारी, व्यापार और दैनिक लेन-देन टका में ही करते हैं।

भारतीय मोबाइल नेटवर्क भी यहां काम नहीं करते। लोग बांग्लादेशी मोबाइल सेवाओं का उपयोग करते हैं। बिजली, स्कूल, अस्पताल और सरकारी योजनाएं भी बांग्लादेश सरकार द्वारा संचालित की जाती हैं।

कभी अपने देश पहुंचना था मुश्किल

एक समय ऐसा था जब यहां रहने वाले लोगों को अपने ही देश बांग्लादेश जाने के लिए भारतीय जमीन पार करनी पड़ती थी। मुख्य सीमा केवल 178 मीटर दूर थी, लेकिन बीच में भारतीय क्षेत्र होने के कारण आवाजाही बेहद कठिन थी।

तीन बीघा कॉरिडोर बना जीवनरेखा

भारत और बांग्लादेश के बीच हुए समझौते के बाद तीन बीघा कॉरिडोर बनाया गया। यह लगभग 178 मीटर लंबा और 85 मीटर चौड़ा मार्ग है, जिसने दहाग्राम-अंगारपोटा को सीधे बांग्लादेश से जोड़ दिया।

शुरुआत में यह कॉरिडोर सीमित समय के लिए खुलता था, लेकिन वर्ष 2011 में दोनों देशों की सहमति के बाद इसे साल के 365 दिन और 24 घंटे के लिए खोल दिया गया।

आम भारतीय नहीं जा सकते अंदर

यह क्षेत्र भारत से घिरा होने के बावजूद आम भारतीय नागरिक या विदेशी पर्यटक अपनी इच्छा से यहां प्रवेश नहीं कर सकते। सुरक्षा कारणों से BSF और बांग्लादेश की सुरक्षा एजेंसियां पूरे क्षेत्र पर निगरानी रखती हैं।

यदि किसी भारतीय नागरिक को इस क्षेत्र में प्रवेश करना हो तो जिला प्रशासन और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों से पहले विशेष लिखित अनुमति प्राप्त करनी होती है।

महत्वपूर्ण घटनाक्रम

📍 ऐतिहासिक स्थिति

दहाग्राम-अंगारपोटा भारत से घिरा होने के बावजूद कानूनी रूप से बांग्लादेश का हिस्सा है।

📍 तीन बीघा कॉरिडोर

178 मीटर लंबे कॉरिडोर ने इस इलाके को बांग्लादेश से स्थायी रूप से जोड़ दिया।

📍 वर्ष 2011

कॉरिडोर को 24 घंटे और पूरे साल के लिए खोल दिया गया।

भारत और बांग्लादेश की सीमा पर स्थित दहाग्राम-अंगारपोटा आज भी दुनिया के सबसे अनोखे सीमा क्षेत्रों में शामिल है। यहां भारतीय सीमा के भीतर होते हुए भी बांग्लादेश का प्रशासन, कानून, मुद्रा और नागरिक व्यवस्था लागू होती है।