5 बीवी, 25 बच्चे की व्यवस्था अब खत्म?
मध्य प्रदेश में UCC को मंजूरी के बाद क्या बदल जाएगा
समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला। जानिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, महिलाओं के अधिकार और नए कानून में प्रस्तावित बदलाव।
मुख्यमंत्री के बयान से तेज हुई बहस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बयान "5 बीवी, 25 बच्चे की व्यवस्था अब खत्म होगी" के बाद यह विषय राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बन गया है। यह बयान राजनीतिक प्रतिक्रिया का विषय बना, वहीं सरकार का कहना है कि UCC का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू करना है और इसका लक्ष्य किसी धर्म विशेष को निशाना बनाना नहीं है।
UCC में प्रस्तावित प्रमुख बदलाव
एक वैध विवाह
पहला विवाह कानूनी रूप से वैध होने पर दूसरा विवाह मान्य नहीं होगा।
तलाक
तलाक केवल कानून द्वारा निर्धारित प्रक्रिया और न्यायालय के माध्यम से होगा।
महिलाओं के अधिकार
संपत्ति एवं उत्तराधिकार में महिला और पुरुष दोनों को समान अधिकार।
लिव-इन संबंध
लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य करने का प्रस्ताव।
सरकार के अनुसार प्रमुख प्रावधान
- एक समय में केवल एक वैध विवाह की अनुमति।
- न्यायालय के बाहर विवाह विच्छेद को मान्यता नहीं।
- महिलाओं और पुरुषों के लिए समान उत्तराधिकार अधिकार।
- विवाह का पंजीकरण ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अनिवार्य।
- लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन आवश्यक।
- संपत्ति विवादों के लिए समान नियम लागू।
- महिला सशक्तिकरण और कानूनी सुरक्षा पर विशेष जोर।
विशेषज्ञ समिति ने तैयार किया मसौदा
सरकार के अनुसार सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना देसाई की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति बनाई गई थी। समिति ने विभिन्न राज्यों के मॉडल का अध्ययन किया, विशेषज्ञों से सुझाव लिए और नागरिकों की राय भी प्राप्त की। इसके आधार पर प्रारूप तैयार किया गया है।
विपक्ष की आपत्ति
कांग्रेस का कहना है कि कानून का पूरा प्रारूप सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि जनता और विशेषज्ञ उस पर अपनी राय दे सकें। विपक्ष का मत है कि विधानसभा में विस्तृत चर्चा के बाद ही अंतिम निर्णय होना चाहिए।
संभावित प्रभाव
| क्षेत्र | संभावित बदलाव |
|---|---|
| विवाह | एक वैध विवाह की व्यवस्था |
| तलाक | कानूनी प्रक्रिया अनिवार्य |
| उत्तराधिकार | महिला और पुरुष को समान अधिकार |
| संपत्ति | समान नियमों के आधार पर अधिकार |
| लिव-इन रिलेशन | पंजीकरण अनिवार्य |
मध्य प्रदेश में UCC को कैबिनेट की मंजूरी मिलना एक महत्वपूर्ण विधायी और राजनीतिक कदम है। सरकार इसे महिला सशक्तिकरण, समान अधिकार और न्यायिक पारदर्शिता की दिशा में बड़ा सुधार बता रही है, जबकि विपक्ष सार्वजनिक चर्चा और पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर दे रहा है।
