एयरपोर्ट रोड की तर्ज पर प्रयागराज की 10 सड़कें होंगी चकाचक, किनारे दिखेंगी रामचरितमानस की चौपाइयां

प्रयागराज की 10 सड़कें होंगी चकाचक, किनारे दिखेंगी रामचरितमानस की चौपाइयां

एयरपोर्ट रोड की तर्ज पर प्रयागराज की 10 सड़कें होंगी चकाचक, किनारे दिखेंगी रामचरितमानस की चौपाइयां
प्रयागराज • विकास योजना

एयरपोर्ट रोड की तर्ज पर प्रयागराज की 10 सड़कें होंगी चकाचक, किनारे दिखेंगी रामचरितमानस की चौपाइयां

400 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से सड़क, फुटपाथ, पार्किंग, हरियाली, भूमिगत बिजली केबल और सौंदर्यीकरण का काम प्रस्तावित।

संगम नगरी प्रयागराज को और अधिक व्यवस्थित, सुंदर और आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में एक बड़ी योजना तैयार की गई है। शहर की प्रमुख 10 सड़कों को अब एयरपोर्ट रोड की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी है। इन सड़कों के कायाकल्प पर 400 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाने की योजना है।

योजना की बड़ी बातें
10
प्रमुख सड़कों को एयरपोर्ट रोड की तर्ज पर विकसित करने की योजना।
₹400+ करोड़
सड़क विकास और सौंदर्यीकरण पर प्रस्तावित खर्च।
2 लाख+
सड़कों के किनारे पौधे लगाए जाने की योजना।

करीब 30 किलोमीटर लंबे इन मार्गों को केवल गड्ढामुक्त करने तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इन्हें शहर की आकर्षक और व्यवस्थित सड़कों के रूप में विकसित किया जाएगा। योजना में सड़क सुधार के साथ फुटपाथ, डिवाइडर, पार्किंग, प्रकाश व्यवस्था, जल निकासी, हरियाली और सौंदर्यीकरण जैसे कई कार्य शामिल हैं।

खास बात यह है कि सड़कों के किनारे रामचरितमानस की चौपाइयां भी अंकित कराई जाएंगी। इससे प्रयागराज की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को सड़क सौंदर्यीकरण के साथ जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

एयरपोर्ट रोड जैसी होगी सड़कों की पहचान

नगर निगम की योजना के अनुसार एमजी मार्ग, एमजीपी मार्ग, एसपी मार्ग समेत शहर की 10 प्रमुख सड़कों को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। इन मार्गों को एयरपोर्ट रोड की तरह साफ-सुथरा, व्यवस्थित और आकर्षक बनाने का प्रयास होगा।

एयरपोर्ट रोड की प्रमुख विशेषताओं में आकर्षक ग्रीनरी, बेहतर लाइटिंग, फुटपाथ, प्रतिमाएं और धार्मिक-सांस्कृतिक संदेश शामिल हैं। इसी मॉडल को शहर की दूसरी प्रमुख सड़कों पर लागू करने की योजना है।

सिर्फ सड़क नहीं, पूरा रोड कॉरिडोर होगा विकसित

प्रस्तावित योजना में सड़क की सतह के साथ फुटपाथ, डिवाइडर, पार्किंग, हरियाली, प्रकाश व्यवस्था, जल निकासी और आसपास के सौंदर्यीकरण को भी एक साथ विकसित करने की तैयारी है।

400 करोड़ से अधिक की लागत

प्रस्तावित परियोजना के तहत 10 प्रमुख सड़कों के विकास पर 400 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने की बात सामने आई है। करीब 30 किलोमीटर के दायरे में आने वाले इन मार्गों पर अलग-अलग चरणों में काम कराया जाएगा।

सड़कों को दुरुस्त करने का काम तीन फेज में किए जाने की योजना है। इससे अलग-अलग क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से निर्माण और सौंदर्यीकरण का कार्य आगे बढ़ाया जा सकेगा।

नगर निगम सदन में इस योजना से संबंधित संकल्प भी पारित किया जा चुका है। अब आगे की प्रक्रिया के तहत चिह्नित मार्गों पर काम शुरू कराने की तैयारी है।

दो लाख से ज्यादा पौधे लगाने की योजना

इस पूरी परियोजना में पर्यावरण को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। प्रस्तावित 10 सड़कों के किनारे दो लाख से अधिक पौधे लगाए जाने की योजना है।

ग्रीन बेल्ट और पौधरोपण से सड़क के आसपास का वातावरण बेहतर बनाने के साथ शहर की हरियाली बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। सड़क के डिवाइडर और उपलब्ध स्थानों का उपयोग भी व्यवस्थित हरियाली के लिए किया जा सकता है।

  • सड़कों के किनारे बड़े पैमाने पर पौधरोपण
  • डिवाइडर और उपलब्ध स्थानों पर हरियाली
  • आकर्षक फुटपाथ और व्यवस्थित सड़क किनारे क्षेत्र
  • सड़क के सौंदर्यीकरण के साथ पर्यावरण पर जोर

बिजली के तार होंगे भूमिगत

सड़कों के सौंदर्यीकरण में सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक बिजली की केबल को भूमिगत करना भी है। वर्तमान में कई शहरी मार्गों पर बिजली और अन्य तारों का जाल दिखाई देता है, जिससे सड़क की सुंदरता प्रभावित होती है।

प्रस्तावित योजना में मार्ग प्रकाश व्यवस्था से जुड़ी बिजली की केबल को अंडरग्राउंड करने की बात कही गई है। इससे सड़क किनारे तारों की अव्यवस्था कम करने और आधुनिक स्ट्रीट लाइटिंग को बेहतर तरीके से विकसित करने में मदद मिल सकती है।

500 मीटर पर पार्किंग की व्यवस्था

यातायात और पार्किंग व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सड़कों के किनारे लगभग 500-500 मीटर की दूरी पर पार्किंग की व्यापक व्यवस्था करने की योजना है।

शहर की प्रमुख सड़कों पर अनियोजित पार्किंग अक्सर यातायात की समस्या पैदा करती है। निर्धारित पार्किंग स्थल विकसित होने से सड़क पर वाहनों के बेतरतीब खड़े होने की समस्या को कम करने का प्रयास किया जा सकता है।

“प्रस्तावित योजना का उद्देश्य केवल सड़क को नया बनाना नहीं, बल्कि पूरे सड़क क्षेत्र को व्यवस्थित और आकर्षक बनाना है।”

रामचरितमानस की चौपाइयां और सांस्कृतिक पहचान

प्रयागराज धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर है। इसी पहचान को सड़क सौंदर्यीकरण में शामिल करने के लिए सड़क किनारे रामचरितमानस की चौपाइयां अंकित कराने की योजना है।

इसके अलावा प्रमुख चौराहों पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और देवी-देवताओं की आकर्षक प्रतिमाएं लगाए जाने का प्रस्ताव है। इससे शहर के ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पक्ष को सार्वजनिक स्थानों के डिजाइन से जोड़ने का प्रयास होगा।

पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए सड़क किनारे बैठने हेतु पत्थर की बेंच भी लगाई जाएंगी।

योजना का पहलू प्रस्तावित व्यवस्था
प्रमुख सड़कें 10 सड़कें
कुल लंबाई लगभग 30 किलोमीटर
प्रस्तावित लागत 400 करोड़ रुपये से अधिक
पौधरोपण 2 लाख से अधिक पौधे
पार्किंग लगभग 500-500 मीटर पर व्यवस्था
बिजली व्यवस्था भूमिगत केबल
जल निकासी भूमिगत नाला
सौंदर्यीकरण फुटपाथ, डिवाइडर, लाइटिंग, प्रतिमाएं और हरियाली

जल निकासी पर भी रहेगा जोर

बारिश के दौरान जलभराव किसी भी बड़े शहर की सड़कों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। प्रस्तावित योजना में सड़कों के किनारे जल निकासी के लिए भूमिगत नाले बनाने की बात कही गई है।

यदि सड़क, फुटपाथ और ड्रेनेज व्यवस्था को एक साथ बेहतर तरीके से तैयार किया जाता है, तो बारिश के मौसम में जल निकासी को अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है।

चौराहों पर दिखेगी ऐतिहासिक और धार्मिक झलक

प्रस्तावित सौंदर्यीकरण में शहर की ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान को भी स्थान देने की योजना है। प्रमुख चौराहों पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा देवी-देवताओं की आकर्षक प्रतिमाएं लगाए जाने की बात कही गई है।

इसके साथ बेहतर प्रकाश व्यवस्था और हरियाली से इन चौराहों को अधिक आकर्षक बनाने का प्रयास किया जाएगा। पैदल यात्रियों के लिए बैठने की सुविधा भी विकसित की जाएगी।

बदल सकता है प्रयागराज की प्रमुख सड़कों का स्वरूप

प्रयागराज में धार्मिक पर्यटन और लगातार बढ़ती शहरी गतिविधियों के कारण प्रमुख मार्गों पर यातायात और सुविधाओं को व्यवस्थित करना महत्वपूर्ण है। ऐसे में 10 प्रमुख सड़कों के प्रस्तावित विकास से शहर के सार्वजनिक मार्गों का स्वरूप बदलने की संभावना है।

योजना के तहत सड़क, फुटपाथ, डिवाइडर, पार्किंग, हरियाली, लाइटिंग, ड्रेनेज और सांस्कृतिक सौंदर्यीकरण को एक साथ जोड़ा जा रहा है। अब निगाहें इसके क्रियान्वयन पर रहेंगी कि प्रस्तावित सुविधाएं जमीन पर किस गति और गुणवत्ता के साथ विकसित होती हैं।

संगम नगरी की पहचान को आधुनिक सुविधाओं और सांस्कृतिक विरासत के साथ जोड़ने वाली यह योजना आने वाले समय में प्रयागराज की प्रमुख सड़कों को एक नया स्वरूप दे सकती है।

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यह लेख उपलब्ध समाचार विवरण और प्रस्तावित विकास योजना पर आधारित है।

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