राहुल गांधी खुद कर रहे राष्ट्रीय सचिवों का इंटरव्यू
कांग्रेस में बड़े संगठनात्मक बदलाव की तैयारी, राहुल गांधी खुद कर रहे राष्ट्रीय सचिवों का इंटरव्यू
कांग्रेस संगठन में संभावित बड़े फेरबदल की प्रक्रिया तेज हो गई है। रिपोर्टों के अनुसार, पार्टी ने राष्ट्रीय सचिव पद के लिए बड़ी संख्या में नेताओं का इंटरव्यू किया है। सितंबर में सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक करीब 130 नेताओं का आकलन किया गया, जिसके बाद मौजूदा AICC सचिवों की भी समीक्षा की गई।
कांग्रेस संगठन में नई पीढ़ी के नेताओं को आगे बढ़ाने और संगठनात्मक ढांचे में बदलाव की कवायद के बीच राष्ट्रीय सचिवों के चयन की प्रक्रिया सुर्खियों में है। इस पूरी प्रक्रिया में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की सक्रिय भूमिका बताई जा रही है।
सितंबर 2026 में सामने आई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रीय सचिव पद के लिए संभावित उम्मीदवारों को 10 जनपथ बुलाकर अलग-अलग समूहों में इंटरव्यू किया गया। इस प्रक्रिया में राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल भी शामिल रहे।
शुरुआती रिपोर्टों में करीब 120 नेताओं के इंटरव्यू की बात सामने आई थी, जबकि बाद की रिपोर्टों में यह संख्या लगभग 130 बताई गई। इसके बाद मौजूदा AICC सचिवों की कार्यप्रणाली और संगठनात्मक भूमिका की भी समीक्षा किए जाने की खबर सामने आई।
रिपोर्टों के मुताबिक कांग्रेस नेतृत्व राष्ट्रीय सचिवों की भूमिका में नए चेहरों को शामिल करने और संगठनात्मक कामकाज की समीक्षा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। अंतिम नियुक्तियों के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कितने पुराने चेहरों को जिम्मेदारी मिलती है और कितने नए नेताओं को अवसर दिया जाता है।
10 जनपथ पर नेताओं से पूछे गए सवाल
राष्ट्रीय सचिव पद के लिए संभावित उम्मीदवारों के इंटरव्यू में केवल राजनीतिक अनुभव पर ही ध्यान नहीं दिया गया। रिपोर्टों के अनुसार, उम्मीदवारों की संगठनात्मक समझ, राज्यों की राजनीतिक परिस्थितियों की जानकारी, जमीनी संपर्क और पार्टी के लिए किए गए काम को भी समझने की कोशिश की गई।
इंटरव्यू के दौरान नेताओं से कई सीधे और व्यावहारिक सवाल पूछे गए। इन सवालों का उद्देश्य उम्मीदवारों की राजनीतिक सोच और संगठन के प्रति उनकी समझ को जानना बताया गया।
वरिष्ठता के साथ जमीनी काम पर जोर
कांग्रेस के संगठनात्मक बदलाव की इस प्रक्रिया में वरिष्ठता के अलावा नेताओं के कामकाज और संगठन में योगदान पर भी ध्यान दिए जाने की बात सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक नेतृत्व ऐसे नेताओं को महत्व देना चाहता है जो पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और राज्यों में संगठन के साथ काम करने का अनुभव रखते हैं।
इसका एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि राष्ट्रीय पदों पर काम करने वाले नेताओं को अपने-अपने राज्यों की राजनीतिक और संगठनात्मक परिस्थितियों की जानकारी हो। यही कारण है कि इंटरव्यू में स्थानीय आंदोलनों, संगठनात्मक गतिविधियों और राज्य से जुड़े राजनीतिक मुद्दों पर सवाल किए गए।
'संगठन सृजन' अभियान का अनुभव भी महत्वपूर्ण
राष्ट्रीय सचिवों के चयन में संगठनात्मक अनुभव को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, संभावित उम्मीदवारों में ऐसे नेता भी शामिल हैं जिन्होंने कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत विभिन्न राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाई हैं।
ऐसे नेताओं को अलग-अलग राज्यों में पर्यवेक्षक या अन्य संगठनात्मक भूमिकाओं में काम करने का अनुभव मिला है। उनके कामकाज और सक्रियता की रिपोर्ट भी तैयार किए जाने की बात सामने आई है।
“राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी के लिए केवल राजनीतिक पहचान ही नहीं, बल्कि संगठन के साथ काम करने का अनुभव भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।”
राहुल गांधी की नई टीम तैयार करने की कवायद?
कांग्रेस में संगठनात्मक स्तर पर नई पीढ़ी को आगे लाने की चर्चा लंबे समय से होती रही है। राष्ट्रीय सचिवों के चयन की मौजूदा प्रक्रिया को भी इसी व्यापक संगठनात्मक बदलाव के संदर्भ में देखा जा रहा है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने मौजूदा AICC सचिवों से भी अलग-अलग बातचीत की। 15 सितंबर 2026 को 64 मौजूदा सचिवों को चार समूहों में बुलाए जाने और उनसे संगठनात्मक कामकाज से जुड़े सवाल पूछे जाने की रिपोर्ट सामने आई।
उनसे अपने राज्यों के प्रमुख कांग्रेस कार्यकर्ताओं के नाम बताने, कांग्रेस की किसी एक गलती की पहचान करने और AICC सचिव की भूमिका को एक शब्द में बताने जैसे सवाल पूछे गए। यह प्रक्रिया मौजूदा नेताओं के काम और संगठनात्मक दृष्टिकोण को समझने के लिए की गई बताई गई।
मौजूदा सचिवों की भी हुई समीक्षा
राष्ट्रीय सचिवों के संभावित पुनर्गठन से पहले मौजूदा पदाधिकारियों की समीक्षा भी संगठनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा बनी। रिपोर्टों के अनुसार, नेतृत्व ने सचिवों से उनके राज्यों में किए गए काम, संगठन की स्थिति और सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में जानकारी ली।
- राज्यों में संगठन की मौजूदा स्थिति पर चर्चा
- पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ संपर्क और सक्रियता का आकलन
- राज्यवार राजनीतिक और संगठनात्मक चुनौतियों की जानकारी
- कांग्रेस संगठन में सचिव की भूमिका को लेकर समझ
- भविष्य में संगठन को मजबूत करने की योजनाओं पर बातचीत
महिला नेताओं से भी अलग सवाल
रिपोर्टों के मुताबिक, इंटरव्यू प्रक्रिया में महिला नेताओं के अनुभवों और संगठन में उनकी भूमिका से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। महिला नेताओं से उनके फील्ड अनुभव और संगठन में काम करते समय सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में सवाल पूछे जाने की जानकारी सामने आई।
इससे चयन प्रक्रिया में अलग-अलग पृष्ठभूमि के नेताओं के अनुभवों को समझने की कोशिश का संकेत मिलता है। हालांकि अंतिम नियुक्तियों और जिम्मेदारियों का स्वरूप कांग्रेस की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
राष्ट्रीय सचिवों की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण है?
AICC सचिव कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण मध्य-स्तरीय जिम्मेदारी निभाते हैं। उन्हें राज्यों से संबंधित संगठनात्मक कार्यों में महासचिवों और राज्य प्रभारियों के साथ समन्वय करना होता है।
ऐसे पदाधिकारियों की भूमिका केवल दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय तक सीमित नहीं रहती। राज्यों में पार्टी कार्यक्रमों की निगरानी, कार्यकर्ताओं से संवाद, संगठन की स्थिति की जानकारी और केंद्रीय नेतृत्व तक फीडबैक पहुंचाना भी उनके काम का हिस्सा हो सकता है।
इसलिए संभावित सचिवों के इंटरव्यू में यह जानने की कोशिश की गई कि उम्मीदवार अपने राज्य की परिस्थितियों को कितनी गहराई से समझते हैं और संगठन को मजबूत करने के लिए किस तरह काम कर सकते हैं।
अब नजर अंतिम सूची पर
कांग्रेस में राष्ट्रीय सचिवों की नियुक्ति को लेकर अब अगला महत्वपूर्ण कदम अंतिम सूची और जिम्मेदारियों का ऐलान होगा। इसके बाद यह स्पष्ट होगा कि कितने नए नेताओं को मौका मिलता है और मौजूदा पदाधिकारियों में कितना बदलाव किया जाता है।
सितंबर 2026 में सामने आई रिपोर्टों में मौजूदा सचिवों के एक बड़े हिस्से में बदलाव की संभावना जताई गई है। हालांकि अलग-अलग रिपोर्टों में बदलाव की संभावित संख्या अलग-अलग बताई गई है। इसलिए अंतिम आंकड़े पार्टी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही निश्चित माने जाएंगे।
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिवों की चयन प्रक्रिया पार्टी के संगठनात्मक पुनर्गठन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में सामने आई है। संभावित उम्मीदवारों के इंटरव्यू से लेकर मौजूदा सचिवों की समीक्षा तक, पूरी प्रक्रिया में संगठनात्मक अनुभव, जमीनी सक्रियता और राज्य की राजनीतिक समझ पर जोर दिखाई देता है। अब अंतिम नियुक्तियों के बाद ही यह साफ होगा कि कांग्रेस का नया राष्ट्रीय संगठन किस स्वरूप में सामने आता है और किन नेताओं को नई जिम्मेदारियां मिलती हैं।
📌 महत्वपूर्ण जानकारी
इस लेख में सितंबर 2026 में प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों में सामने आई जानकारी का उपयोग किया गया है। उम्मीदवारों की संख्या और संभावित बदलाव से जुड़े आंकड़ों में अलग-अलग रिपोर्टों के कारण अंतर हो सकता है। अंतिम नियुक्तियों और आधिकारिक संख्या के लिए कांग्रेस की आधिकारिक घोषणा को अंतिम आधार माना जाना चाहिए।
स्रोत / रिपोर्ट संदर्भ
• India Today — 15 सितंबर 2026: AICC सचिवों की समीक्षा और संगठनात्मक बदलाव से संबंधित रिपोर्ट।
• Indian Express — सितंबर 2026: करीब 130 नेताओं के आकलन और संभावित संगठनात्मक फेरबदल से संबंधित रिपोर्ट।
• NDTV India — सितंबर 2026: नए राष्ट्रीय सचिवों की चयन प्रक्रिया और मौजूदा सचिवों की समीक्षा से संबंधित रिपोर्ट।
• Times Now Navbharat — सितंबर 2026: राष्ट्रीय सचिव पद के लिए उम्मीदवारों के इंटरव्यू से संबंधित रिपोर्ट।
