आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में लापरवाही पर जिलाधिकारी सख्त, 10 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस
जिलाधिकारी ने दिखाई सख्ती
जनशिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी समाधान को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। इसी क्रम में प्रयागराज के जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा ने आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को सुनिश्चित करने के लिए पूर्व में सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि प्रत्येक शिकायत की जांच निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जाए तथा जांचकर्ता अधिकारी स्वयं शिकायतकर्ता से मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क कर वास्तविक समस्या की जानकारी प्राप्त करें और नियमानुसार उसका समाधान सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया था कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता न बनकर वास्तविक समाधान पर आधारित होना चाहिए, जिससे आम नागरिकों को सरकारी तंत्र पर विश्वास बना रहे और उन्हें समय पर न्याय मिल सके।
रैंडम जांच में सामने आई गंभीर लापरवाही
निर्देशों के अनुपालन की वास्तविक स्थिति जानने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने स्वयं तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतकर्ताओं से रैंडम आधार पर फोन पर बातचीत की। इस दौरान यह तथ्य सामने आया कि अधिकांश मामलों में संबंधित अधिकारियों द्वारा शिकायतकर्ताओं से फोन पर संपर्क तो किया गया, लेकिन शिकायतों में दर्ज समस्याओं का वास्तविक समाधान नहीं किया गया।
जांच के दौरान कई शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उन्हें केवल औपचारिक रूप से कॉल प्राप्त हुई, जबकि उनकी शिकायतें पूर्ववत बनी हुई हैं। इससे स्पष्ट हुआ कि कई विभागों द्वारा शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया केवल रिकॉर्ड पूर्ण करने तक सीमित रही।
इन अधिकारियों को जारी किया गया कारण बताओ नोटिस
लापरवाही सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
- उपजिलाधिकारी करछना
- उपजिलाधिकारी कोरांव
- तहसीलदार सदर
- जिला समाज कल्याण अधिकारी
- ज्येष्ठ खान अधिकारी
- अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खण्ड-बारा
- जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
- उप निबंधक फूलपुर
- खण्ड विकास अधिकारी उरूवा
- खण्ड विकास अधिकारी कोरांव
तीन दिन में मांगा गया स्पष्टीकरण
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को तीन दिवस के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लंबित एवं संबंधित सभी शिकायतों का तत्काल नियमानुसार गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करते हुए की गई कार्रवाई से उन्हें अवगत कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में भी किसी अधिकारी द्वारा शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरती गई अथवा केवल औपचारिक निस्तारण किया गया तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध और अधिक कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
जनशिकायतों के समाधान पर प्रशासन की प्राथमिकता
आईजीआरएस प्रणाली का उद्देश्य आम नागरिकों की शिकायतों का पारदर्शी, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान उपलब्ध कराना है। जिलाधिकारी द्वारा की गई यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभानी होगी।
