कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल!
यूपी, पंजाब समेत कई राज्यों में नए अध्यक्ष की तैयारी
आगामी विधानसभा चुनावों से पहले संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज
आगामी विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी
आगामी राज्य विधानसभा चुनावों और संगठन को जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कांग्रेस आलाकमान अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) तथा विभिन्न राज्य इकाइयों में व्यापक संगठनात्मक फेरबदल की तैयारी कर रहा है। पार्टी से जुड़े सूत्रों के अनुसार यह बदलाव संगठन को अधिक सक्रिय, संतुलित और चुनावी दृष्टि से मजबूत बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक पार्टी नेतृत्व गुटबाजी को नियंत्रित करने, नए चेहरों को अवसर देने और आगामी चुनावों की चुनौतियों को देखते हुए कई महत्वपूर्ण पदों पर बदलाव कर सकता है। चर्चा है कि चार राष्ट्रीय महासचिवों को उनके मौजूदा दायित्वों से मुक्त किया जा सकता है, जबकि छह से सात राज्यों के प्रदेश प्रभारियों में भी परिवर्तन संभव है। इसके अलावा वर्तमान में कार्यरत 62 राष्ट्रीय सचिवों में से लगभग 26 सचिवों को भी नई जिम्मेदारियों या संगठनात्मक पुनर्संरचना के तहत पदमुक्त किया जा सकता है।
सचिन पायलट और रमेश चेन्निथला समेत कई प्रभारियों की जिम्मेदारी बदलने की चर्चा
पार्टी सूत्रों के अनुसार छत्तीसगढ़ के प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट, हरियाणा के प्रभारी बीके हरिप्रसाद, महाराष्ट्र के प्रभारी रमेश चेन्निथला, तमिलनाडु के प्रभारी गिरीश चोडंकर तथा राजस्थान के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा को उनके मौजूदा प्रभारों से हटाया जा सकता है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
सूत्रों का कहना है कि इन नेताओं को विभिन्न राज्यों में नई जिम्मेदारियां मिलने के कारण संगठनात्मक ढांचे में बदलाव आवश्यक माना जा रहा है। बीके हरिप्रसाद को हाल ही में कर्नाटक कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं केरल में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद रमेश चेन्निथला और प्रदेश अध्यक्ष सन्नी जोसेफ को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की चर्चा है। दूसरी ओर गिरीश चोडंकर को गोवा कांग्रेस की कमान सौंपी गई है। ऐसे में 'एक व्यक्ति-एक पद' की नीति के अनुरूप नए प्रदेश प्रभारियों की नियुक्ति की संभावना जताई जा रही है।
यूपी, पंजाब और दिल्ली समेत कई राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्ष की तैयारी
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस दिल्ली, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पंजाब सहित कई राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों के बदलाव पर भी विचार कर रही है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि विधानसभा चुनावों से पहले संगठन में नई ऊर्जा और बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए सक्रिय और जमीनी नेताओं को जिम्मेदारी देना आवश्यक है।
विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए इन बदलावों को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी संगठन में लंबे समय से चल रही गुटबाजी को समाप्त करने और कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा सकता है।
सूत्रों का यह भी दावा है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जल्द ही इस व्यापक संगठनात्मक पुनर्गठन पर अंतिम निर्णय ले सकते हैं। हालांकि अंतिम सूची जारी होने तक संभावित बदलावों को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार रहेगा।
