भारत टेक्स 2026 में चमका झारखंड, हस्तकरघा और वस्त्र विरासत को मिला वैश्विक मंच
भारत टेक्स 2026 में झारखंड के छह GI टैग प्राप्त हस्तकरघा उत्पादों ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खरीदारों का ध्यान आकर्षित किया।
रांची/नई दिल्ली। भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित भारत टेक्स 2026 में झारखंड ने अपनी समृद्ध हस्तकरघा और वस्त्र परंपरा का शानदार प्रदर्शन कर देश-विदेश के उद्योग जगत का ध्यान आकर्षित किया। इस अवसर पर झारखंड के उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव ने झारखंड पवेलियन का उद्घाटन करते हुए कहा कि राज्य की पहचान केवल उसकी भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसकी कला, संस्कृति और उत्पादों को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक बाजारों तक पहुंचना चाहिए।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल उत्पादों का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि झारखंड के बुनकरों, कारीगरों और हस्तशिल्प से जुड़े परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। यदि पारंपरिक वस्त्रों और हस्तकरघा उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच मिलती है, तो राज्य के युवाओं को रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे स्थानीय स्तर पर ही रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
झारखंड के छह GI टैग प्राप्त उत्पाद बने आकर्षण का केंद्र
भारत टेक्स 2026 के दौरान झारखंड के छह GI (Geographical Indication) टैग प्राप्त हस्तकरघा उत्पादों की विशेष प्रदर्शनी लगाई गई। इनमें तसर सिल्क, कुचाई सिल्क, भगैया साड़ी एवं फैब्रिक, टुमका चादर, भोया साड़ी एवं फैब्रिक तथा पंछी साड़ी एवं फैब्रिक प्रमुख आकर्षण रहे। इन उत्पादों ने अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता, पारंपरिक बुनाई, प्राकृतिक रंगों और स्थानीय संस्कृति की झलक से सभी दर्शकों को प्रभावित किया।
प्रमुख GI टैग प्राप्त उत्पाद
- ✅ तसर सिल्क (Tasar Silk)
- ✅ कुचाई सिल्क (Kuchai Silk)
- ✅ भगैया साड़ी एवं फैब्रिक
- ✅ टुमका चादर
- ✅ भोया साड़ी एवं फैब्रिक
- ✅ पंछी साड़ी एवं फैब्रिक
वैश्विक बाजार में बढ़ रही है प्राकृतिक उत्पादों की मांग
आज पूरी दुनिया में टिकाऊ (Sustainable) और पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे समय में झारखंड के हस्तकरघा उत्पाद अपनी प्राकृतिक गुणवत्ता, पारंपरिक निर्माण प्रक्रिया तथा हस्तनिर्मित विशेषताओं के कारण वैश्विक बाजार में मजबूत पहचान बनाने की क्षमता रखते हैं। भारत टेक्स 2026 जैसे मंच इन उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, निवेशकों और फैशन उद्योग से जोड़ने का सुनहरा अवसर प्रदान कर रहे हैं।
भारत टेक्स 2026 क्यों है महत्वपूर्ण?
भारत टेक्स 2026 अब केवल एक व्यापार प्रदर्शनी नहीं, बल्कि वस्त्र एवं परिधान उद्योग की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला का वैश्विक केंद्र बन चुका है। यहां व्यापार, निवेश, तकनीकी नवाचार, फैशन, डिजाइन, नीतिगत संवाद और रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से उद्योग को नई दिशा दी जा रही है। इस आयोजन में देश-विदेश के निर्माता, निर्यातक, वैश्विक खरीदार, निवेशक, नीति-निर्माता, अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल, स्टार्टअप तथा तकनीकी विशेषज्ञ बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं।
| क्षेत्र | लाभ |
|---|---|
| हस्तकरघा उद्योग | राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच |
| कारीगर | रोजगार और आय में वृद्धि |
| निर्यात | वैश्विक खरीदारों से सीधा संपर्क |
| ग्रामीण अर्थव्यवस्था | स्थानीय उत्पादन और स्वरोजगार को बढ़ावा |
| फैशन उद्योग | पारंपरिक वस्त्रों को आधुनिक डिजाइन से जोड़ने का अवसर |
सरकार का लक्ष्य
उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि यह आयोजन झारखंड के वस्त्र उद्योग को वैश्विक मूल्य श्रृंखला से जोड़ने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इससे राज्य के बुनकरों और कारीगरों को नए व्यावसायिक अवसर मिलेंगे, निर्यात बढ़ेगा और स्थानीय उद्योगों को नई ऊर्जा प्राप्त होगी। सरकार आधुनिक तकनीक, डिजाइन नवाचार, विपणन और कौशल विकास के माध्यम से हस्तकरघा क्षेत्र को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में उद्योग विभाग के निदेशक विशाल सागर, अपर सचिव प्रीति सहित विभाग के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने झारखंड के उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने और राज्य के हस्तकरघा उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए समन्वित प्रयासों पर बल दिया।
झारखंड की समृद्ध वस्त्र विरासत केवल सांस्कृतिक धरोहर नहीं, बल्कि राज्य की आर्थिक प्रगति का मजबूत आधार भी बन सकती है। यदि सरकार, उद्योग और कारीगर मिलकर इसी दिशा में कार्य करते रहे, तो आने वाले वर्षों में झारखंड भारत के प्रमुख हस्तकरघा एवं वस्त्र निर्यातक राज्यों में अपनी अलग पहचान स्थापित कर सकता है। भारत टेक्स 2026 में झारखंड की प्रभावशाली उपस्थिति इसी उज्ज्वल भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
