मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर हमला, बोले— श्रीराम जन्मभूमि मामले की निष्पक्ष जांच जारी, यूपी विकास की नई ऊंचाइयों पर
एसआईटी जांच, कानून-व्यवस्था, निवेश, रोजगार, एमएसएमई, महिला सशक्तिकरण और उत्तर प्रदेश के विकास पर मुख्यमंत्री का बड़ा बयान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े वित्तीय अनियमितता के मामले पर स्पष्ट करते हुए कहा कि पूरे प्रकरण की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ कर रही है। उन्होंने कहा कि जहां भी दोषियों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए संबंधित लोगों ने अपने पदों से इस्तीफा भी दिया है।
एक निजी समाचार चैनल के कॉन्क्लेव में मंगलवार को बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रहे हैं। उनके अनुसार, ऐसे लोग केवल एक वित्तीय मामले को मुद्दा नहीं बना रहे, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और हिंदू धार्मिक स्थलों को भी निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
कानून-व्यवस्था पर सरकार का दावा
मुख्यमंत्री योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान दंगों, अपराध और असुरक्षा से जुड़ गई थी। उन्होंने दावा किया कि उस समय प्रदेश में लगभग हर तीसरे दिन दंगे होते थे और कई स्थानों पर लंबे समय तक कर्फ्यू जैसी स्थिति बनी रहती थी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। आज माफिया और अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है, जबकि पहले यही अपराधी सत्ता के संरक्षण में सम्मानित किए जाते थे। सरकार ने अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है।
निवेश और औद्योगिक विकास
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से लगभग 15 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं तथा औद्योगिक विकास को नई गति मिली है।
सरकार के प्रमुख दावे
- ✅ 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव
- ✅ 15 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं शुरू
- ✅ 96 लाख सक्रिय एमएसएमई इकाइयां
- ✅ ODOP योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान
- ✅ कई उत्पादों को GI टैग प्राप्त
बजट, एमएसएमई और रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में राज्य का बजट लगभग 3 लाख करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर लगभग 9 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने इसे वित्तीय अनुशासन और विकासोन्मुख नीतियों का परिणाम बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश में लगभग 96 लाख एमएसएमई इकाइयां सक्रिय हैं तथा सरकार अब तक 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां उपलब्ध करा चुकी है।
महिला सशक्तिकरण एवं आधारभूत संरचना
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में महिला कार्यबल की भागीदारी पहले केवल 12 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 38 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने बताया कि देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में स्थित है, जो राज्य के तेजी से विकसित हो रहे बुनियादी ढांचे का प्रमाण है।
कृषि और चीनी उद्योग
मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में आयोजित आम महोत्सव में उत्तर प्रदेश के आमों की जबरदस्त मांग देखने को मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2007 से 2017 के बीच 29 चीनी मिलें बंद कर दी गई थीं या बेच दी गई थीं, जबकि वर्तमान सरकार ने 122 चीनी मिलों का सफल संचालन सुनिश्चित किया है।
| क्षेत्र | मुख्यमंत्री का दावा |
|---|---|
| निवेश | 50 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव |
| धरातल पर परियोजनाएं | 15 लाख करोड़ रुपये |
| राज्य बजट | 3 लाख करोड़ से बढ़कर 9 लाख करोड़ रुपये |
| एमएसएमई | 96 लाख सक्रिय इकाइयां |
| सरकारी नौकरियां | 9 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार |
| महिला कार्यबल | 12% से बढ़कर 38% |
| एक्सप्रेसवे नेटवर्क | देश का लगभग 60% उत्तर प्रदेश में |
| चीनी मिलें | 122 संचालित |
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज कानून-व्यवस्था, निवेश, उद्योग, कृषि, रोजगार और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पारदर्शी शासन, सुशासन और विकास की नीतियों के बल पर प्रदेश आने वाले वर्षों में देश की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होगा।
