हयातुन निशा की हत्या की आशंका

हयातुन निशा की हत्या की आशंका

तमिलनाडु एक्सप्रेस में मिले शव के टुकड़ों का बड़ा खुलासा | VARDAT News
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तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल कोच में मिले शव के टुकड़ों का बड़ा खुलासा, हयातुन निशा की हत्या की आशंका

आगरा कैंट स्टेशन पर ट्रेन से बरामद शव की हुई पहचान। चेन्नई जीआरपी की जांच में हत्या की आशंका, दो संदिग्ध फरार।

तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल कोच में लाल ट्रॉली बैग से मिले सड़े-गले शव के टुकड़ों के मामले में जांच एजेंसियों को बड़ा सुराग मिला है। मृतका की पहचान 38 वर्षीय हयातुन निशा के रूप में हुई है और चेन्नई जीआरपी हत्या के एंगल से मामले की जांच कर रही है।

नई दिल्ली/चेन्नई: तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल कोच में लाल ट्रॉली बैग से मिले सड़े-गले शव के टुकड़ों के मामले में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। पांच अगस्त को आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से बरामद किए गए शव की पहचान अब 38 वर्षीय हयातुन निशा पत्नी जहूर खान के रूप में हुई है। चेन्नई जीआरपी की जांच में सामने आया है कि यह मामला महज शव को ठिकाने लगाने का नहीं, बल्कि कथित तौर पर सुनियोजित हत्या का हो सकता है।

पुलिस जांच के मुताबिक, हयातुन निशा की हत्या चेन्नई के गुडुवांचेरी इलाके में किए जाने की आशंका है। इसके बाद शव को कई टुकड़ों में काटकर अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने लगाने की कोशिश की गई। मामले में दो संदिग्धों के नाम सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों फिलहाल फरार हैं और उनकी तलाश में कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

38 वर्ष की थीं मृतका हयातुन निशा
18 टुकड़ों में शव काटे जाने का पुलिस का दावा
2 संदिग्धों की तलाश में जुटी पुलिस

सीसीटीवी और डिजिटल सबूतों से गहराया शक

चेन्नई जीआरपी की जांच में मणिकउद्दीन लश्कर और भगवती माझी के नाम सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों गुडुवांचेरी के मसूथी स्ट्रीट इलाके में स्थित एक किराए के मकान में रह रहे थे। जांच एजेंसियों को सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सबूतों से दोनों की गतिविधियों को लेकर महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।

पुलिस ने 21 अगस्त को इसी किराए के मकान की तलाशी ली थी। तलाशी के दौरान एक बड़े बर्तन में मांस और शरीर के अन्य हिस्से मिलने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि हयातुन निशा की हत्या इसी मकान में की गई थी और वारदात के बाद सबूत मिटाने के लिए शव को टुकड़ों में बांटने की कोशिश की गई।

जांच में सामने आया अहम दावा

पुलिस जांच में दावा किया गया है कि शव को करीब 18 टुकड़ों में काटा गया। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी युवक ने कथित तौर पर अपनी प्रेमिका के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।

जांच में शरीर के कुछ हिस्सों को मैदा और सब्जी के साथ मिलाकर पकाने की कोशिश किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि इन सभी तथ्यों की अंतिम पुष्टि आरोपियों की गिरफ्तारी और फॉरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगी।

मृतका चेन्नई में करती थी काम

पुलिस के अनुसार, हयातुन निशा मूल रूप से ओडिशा के जगतसिंहपुर की रहने वाली थी। वह चेन्नई के तांबरम स्थित विजय वस्त्र में काम करती थी। परिवार के मुताबिक, कुछ समय से उसका संपर्क परिजनों से नहीं हो पा रहा था।

हयातुन निशा का 19 वर्षीय बेटा यूसुफ खान अपनी मां की तलाश करते हुए 21 अगस्त को गुडुवांचेरी स्थित उस मकान तक पहुंचा था। जब वहां उसे उसकी मां नहीं मिली तो उसने पुलिस से संपर्क किया और गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच आगे बढ़ाई।

जांच के दौरान पुलिस ने महिला की गतिविधियों, उसके संपर्क में रहने वाले लोगों और उसके मोबाइल फोन से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड की पड़ताल शुरू की। इसी दौरान जांच का फोकस गुडुवांचेरी के उस किराए के मकान और वहां रहने वाले दोनों संदिग्धों की ओर बढ़ा।

मामले की टाइमलाइन

5 अगस्त
तमिलनाडु एक्सप्रेस के पिछले जनरल कोच में लाल ट्रॉली बैग से शव के टुकड़े बरामद किए गए।
5 अगस्त, सुबह करीब 5:03 बजे
आगरा कैंट स्टेशन पर ट्रेन संख्या 12621 से शव बरामद होने के बाद आगरा जीआरपी ने जांच शुरू की।
21 अगस्त
हयातुन निशा का बेटा यूसुफ खान अपनी मां की तलाश में गुडुवांचेरी पहुंचा और गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
21 अगस्त
पुलिस ने मसूथी स्ट्रीट स्थित किराए के मकान की तलाशी ली, जहां से जांच के लिए महत्वपूर्ण सामग्री मिलने की बात सामने आई।
जांच जारी
चेन्नई जीआरपी दोनों संदिग्धों की तलाश के साथ मोबाइल रिकॉर्ड, सीसीटीवी और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है।

आगरा कैंट स्टेशन पर मिला था शव

इस मामले की शुरुआत पांच अगस्त की सुबह हुई थी। करीब 5:03 बजे ट्रेन संख्या 12621 तमिलनाडु एक्सप्रेस के पिछले जनरल कोच में एक लाल रंग के ट्रॉली बैग से सड़े-गले शव के टुकड़े बरामद किए गए थे। ट्रेन में शव के टुकड़े मिलने की सूचना से रेलवे प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था।

आगरा जीआरपी ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की। शव की स्थिति खराब होने के कारण उसकी पहचान करना चुनौतीपूर्ण था। पुलिस ने शव परीक्षण और फॉरेंसिक जांच के जरिए मृतका की पहचान से जुड़े सुराग जुटाए। आगे की जांच में मामला चेन्नई से जुड़ता गया और जांच को चेन्नई जीआरपी को सौंप दिया गया।

हत्या की वजह अभी रहस्य

पुलिस को शक है कि हयातुन निशा की हत्या के पीछे कोई व्यक्तिगत या आपसी विवाद हो सकता है, लेकिन हत्या की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड, डिजिटल गतिविधियों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच कर रही है।

मणिकउद्दीन लश्कर के असम का रहने वाला होने की बात सामने आई है, जबकि भगवती माझी के ओडिशा की निवासी होने की जानकारी पुलिस जांच में सामने आई है। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

फिलहाल इस सनसनीखेज मामले में पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर हयातुन निशा की हत्या क्यों की गई और शव को 18 टुकड़ों में काटकर उसे अलग-अलग जगहों पर क्यों ठिकाने लगाने की कोशिश की गई। पुलिस को उम्मीद है कि दोनों संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद हत्या की वजह, पूरी साजिश और शव को ट्रेन तक पहुंचाने की कड़ी का खुलासा हो सकेगा।

⚠️ महत्वपूर्ण सूचना

इस रिपोर्ट में हत्या और अन्य घटनाओं से संबंधित आरोप पुलिस जांच में सामने आए दावों के आधार पर प्रस्तुत किए गए हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता। मामले की अंतिम सच्चाई जांच, फॉरेंसिक रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

पुलिस की जांच जारी है और मामले में आगे होने वाली गिरफ्तारियों तथा फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

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