परेशान युवती ने दी आत्मदाह की चेतावनी,

परेशान युवती ने दी आत्मदाह की चेतावनी,

रेप के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से परेशान युवती ने दी आत्मदाह की चेतावनी | VARDat News
बस्ती क्राइम न्यूज

रेप के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से परेशान युवती ने दी आत्मदाह की चेतावनी, एसपी से लगाई इंसाफ की गुहार

📍 बस्ती, उत्तर प्रदेश
📰 क्राइम रिपोर्ट
⏱️ पढ़ें: 4 मिनट
बस्ती जिले के दुबौलिया थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती ने दुष्कर्म के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। युवती का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उसने कार्रवाई न होने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है।
⚠️ मामला बेहद संवेदनशील

युवती ने अपनी और अपनी बेटी की जान को खतरा बताते हुए पुलिस अधीक्षक से सुरक्षा तथा मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। बताया गया है कि युवती पहले भी दो बार आत्महत्या का प्रयास कर चुकी है।

नाबालिग अवस्था में दुष्कर्म का आरोप

युवती के मुताबिक करीब आठ वर्ष पहले, जब उसकी उम्र लगभग 14 वर्ष थी, गांव के ही आवेश पुत्र अलीकमर ने उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया। युवती का दावा है कि इस घटना के बाद वह गर्भवती हो गई थी।

युवती का आरोप है कि नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी के परिजनों ने उस पर और उसके परिवार पर दबाव बनाया। इसके बाद उसका निकाह आवेश से करा दिया गया।

युवती के अनुसार निकाह के बाद उसका शौहर पढ़ाई करने की बात कहकर दिल्ली चला गया और फिर वापस नहीं लौटा। करीब 15 वर्ष की उम्र में युवती ने एक बेटी को जन्म दिया। उसका आरोप है कि उसके पति ने बाद में उससे और बेटी से कोई संबंध नहीं रखा।

मामले से जुड़े प्रमुख तथ्य

  • मामला बस्ती जिले के दुबौलिया थाना क्षेत्र का बताया गया है।
  • युवती ने दुष्कर्म और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं।
  • 11 जून को पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है।
  • युवती ने 24 जून को पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की।
  • युवती अपनी और अपनी बेटी की सुरक्षा को लेकर चिंतित है।
  • उसने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।

ससुर और देवर पर भी गंभीर आरोप

युवती ने अपने ससुर अलीकमर और देवर अल्तमस पर भी उसके साथ कई बार दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगाया है। उसके मुताबिक कथित घटनाओं के दौरान कभी नशीला पदार्थ खिलाने और कभी धमकाने जैसी परिस्थितियां पैदा की गईं।

युवती का कहना है कि कई मौकों पर उसकी बेटी ने भी घर में आपत्तिजनक परिस्थितियां देखीं। इन घटनाओं के कारण वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गई और इसी वजह से उसने पहले भी दो बार आत्महत्या करने का प्रयास किया।

“युवती का कहना है कि वह अपनी बेटी के साथ सुरक्षित जीवन चाहती है और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग कर रही है।”

सास पर मारपीट का भी आरोप

युवती के अनुसार जब उसने अपनी सास शबनम को कथित घटनाओं की जानकारी दी तो उसके साथ मारपीट की गई। युवती का दावा है कि इस दौरान उसके हाथ में गंभीर चोट आई।

युवती ने यह भी बताया कि उसने अपने पति को फोन पर पूरी स्थिति की जानकारी दी, लेकिन उसके अनुसार पति ने भी उससे दूरी बना ली।

मुकदमा वापस लेने के लिए धमकी देने का आरोप

युवती का आरोप है कि आरोपी पक्ष की ओर से लगातार मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। उसका दावा है कि उसे मुकदमा वापस नहीं लेने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जा रही है।

युवती ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर पूरे मामले में निष्पक्ष जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी और अपनी तथा अपनी बेटी की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है।

11 जून को दर्ज हुआ मुकदमा

युवती की तहरीर और पुलिस अधीक्षक के निर्देश के बाद दुबौलिया पुलिस ने 11 जून को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85, 64 और 115(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया।

हालांकि युवती का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसी को लेकर उसने 24 जून को पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर तत्काल कार्रवाई की मांग की।

महिला थाने में ट्रांसफर हुआ मामला

दुबौलिया थाना प्रभारी से मामले के संबंध में जानकारी लेने पर बताया गया कि प्रकरण को महिला थाने में स्थानांतरित कर दिया गया है। अब मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित थाने द्वारा किए जाने की बात कही गई है।

महत्वपूर्ण सूचना:

मामला बेहद संवेदनशील है। युवती द्वारा आत्मदाह की चेतावनी दिए जाने और पूर्व में आत्महत्या के प्रयास की बात सामने आने के कारण उसकी सुरक्षा को प्राथमिकता देना आवश्यक है। किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में तत्काल स्थानीय पुलिस या आपातकालीन सेवा से संपर्क किया जाना चाहिए।

निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग

इस पूरे मामले में युवती द्वारा लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं। आरोपों की वास्तविकता का निर्धारण पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही होगा। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच, पीड़िता की सुरक्षा और कानून के अनुसार कार्रवाई महत्वपूर्ण है।

युवती ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए और उसे तथा उसकी बेटी को सुरक्षा प्रदान की जाए।

अस्वीकरण: इस रिपोर्ट में दर्ज आरोप पीड़िता द्वारा बताए गए कथनों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और न्यायिक निर्णय होना अभी बाकी है। किसी भी व्यक्ति को न्यायालय द्वारा दोषी ठहराए जाने से पहले दोषी नहीं माना जाना चाहिए।
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