24 साल तक तहखाने में कैद रही बेटी,
24 साल तक तहखाने में कैद रही बेटी, जोसेफ फ्रिट्जल की वह खौफनाक कहानी
ऑस्ट्रिया का वह भयावह मामला जिसने पूरी दुनिया को झकझोर दिया। वर्षों तक एक ही घर के नीचे छिपा रहा एक ऐसा राज, जिसके सामने आने पर लोग हैरान रह गए।
दुनिया के इतिहास में अपराध की ऐसी कई घटनाएं दर्ज हैं, जिन्हें सुनकर इंसानियत पर भरोसा करना मुश्किल हो जाता है। ऑस्ट्रिया का जोसेफ फ्रिट्जल मामला भी ऐसी ही भयावह घटनाओं में शामिल है। यह कहानी सिर्फ एक अपराध की नहीं, बल्कि वर्षों तक छिपे रहे उस अत्याचार की है, जिसने एक परिवार के कई सदस्यों की जिंदगी को हमेशा के लिए बदल दिया।
ऑस्ट्रिया के एम्स्टेटन में रहने वाले जोसेफ फ्रिट्जल ने अपनी बेटी एलिजाबेथ को करीब 24 वर्षों तक अपने घर के नीचे बनाए गए एक गुप्त तहखाने में कैद रखा। इस दौरान उसके साथ लगातार यौन हिंसा की गई और वह अपने ही पिता के बच्चों की मां बनी। मामला सामने आने के बाद पूरी दुनिया में सनसनी फैल गई और फ्रिट्जल को कठोर सजा सुनाई गई।
बेटी को कैसे बनाया गया कैदी?
जोसेफ फ्रिट्जल ने अपनी बेटी को कैद करने से पहले अपने घर और बगीचे के नीचे एक गुप्त तहखाने का निर्माण कराया था। रिपोर्टों के अनुसार, इस भूमिगत परिसर में कई कमरे और बंद दरवाजे थे, जिससे वहां रहने वाले व्यक्ति का बाहर की दुनिया से संपर्क बेहद मुश्किल था।
एलिजाबेथ जब 18 वर्ष की थीं, तब फ्रिट्जल ने कथित तौर पर उन्हें तहखाने में बुलाया। इसके बाद उसने उन्हें वहां बंद कर दिया और दुनिया से यह झूठ फैलाया कि उसकी बेटी घर छोड़कर एक धार्मिक समूह के साथ चली गई है।
वर्षों तक आसपास के लोगों को यही बताया जाता रहा कि एलिजाबेथ ने खुद घर छोड़ा था। इसी झूठ ने इस भयावह मामले को लंबे समय तक दुनिया की नजरों से छिपाए रखा।
इससे पहले भी एलिजाबेथ के घर से चले जाने की घटना हुई थी और परिवार की ओर से उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसी पृष्ठभूमि का फायदा उठाकर फ्रिट्जल ने लोगों को अपनी बनाई हुई कहानी पर विश्वास करने के लिए मजबूर कर दिया।
24 साल तक दुनिया से कटी रही जिंदगी
एलिजाबेथ के लिए अगला लंबा दौर बेहद भयावह था। वह वर्षों तक उस भूमिगत कैदखाने में रहने को मजबूर रहीं। बाहर की दुनिया से उनका संपर्क लगभग पूरी तरह समाप्त था।
इस दौरान फ्रिट्जल ने उनके साथ बार-बार यौन हिंसा की। परिणामस्वरूप एलिजाबेथ ने सात बच्चों को जन्म दिया। इनमें से एक बच्चे की जन्म के कुछ समय बाद मृत्यु हो गई, जबकि तीन बच्चों को फ्रिट्जल ने ऊपर अपने घर में अपनी पत्नी के साथ पाला।
इन बच्चों के बारे में भी उसने एक झूठी कहानी बनाई। उसने परिवार और आसपास के लोगों को बताया कि बच्चों को कोई अज्ञात व्यक्ति उनके घर के बाहर छोड़ गया था। इस तरह वर्षों तक घर के भीतर चल रही भयावह सच्चाई दुनिया से छिपी रही।
दूसरी ओर, एलिजाबेथ के तीन बच्चों ने अपनी मां के साथ उसी भूमिगत परिसर में जीवन बिताया। यानी एक ही परिवार के सदस्य एक ही घर में रहते हुए भी अलग-अलग दुनिया में जीवन जी रहे थे।
राज खुलने की शुरुआत कैसे हुई?
एलिजाबेथ की बेटी कर्स्टन गंभीर रूप से बीमार हो गई। उसकी हालत बिगड़ने के बाद फ्रिट्जल उसे अस्पताल लेकर पहुंचा।
डॉक्टरों ने कर्स्टन की स्थिति और उसके पारिवारिक हालात को लेकर सवाल उठाए। मामला सामान्य नहीं लगा और पुलिस को जानकारी दी गई।
पुलिस की पूछताछ के बाद फ्रिट्जल को एलिजाबेथ को सामने लाना पड़ा। शुरुआत में वह डर के कारण खुलकर कुछ नहीं बोल पा रही थीं।
सुरक्षा का भरोसा मिलने के बाद एलिजाबेथ ने धीरे-धीरे पूरी कहानी पुलिस को बतानी शुरू की।
24 साल पुराना रहस्य खुल गया
एलिजाबेथ की गवाही ने जांच अधिकारियों को हिला दिया। उन्हें पता चला कि जिस महिला के बारे में परिवार और समाज को वर्षों से बताया गया था कि वह घर छोड़कर चली गई है, वह वास्तव में उसी घर के नीचे बने गुप्त तहखाने में कैद थी।
जांच के दौरान उस भूमिगत परिसर की वास्तविकता सामने आई। यह भी स्पष्ट हुआ कि फ्रिट्जल ने वर्षों तक अपनी बेटी और बच्चों को समाज से छिपाकर रखा था।
जिस बेटी के बारे में वर्षों तक कहा गया कि वह घर छोड़कर चली गई है, वह वास्तव में उसी घर के नीचे बने गुप्त परिसर में कैद थी।
मामला सार्वजनिक होते ही ऑस्ट्रिया ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में इसकी चर्चा होने लगी। लोग यह सवाल पूछने लगे कि आखिर इतने वर्षों तक इतनी बड़ी घटना कैसे छिपी रही।
अदालत ने सुनाई उम्रकैद
जांच और मुकदमे के बाद जोसेफ फ्रिट्जल को गंभीर अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इसके साथ ही यह मामला ऑस्ट्रिया के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल हो गया।
एलिजाबेथ और उनके बच्चों को बाद में सुरक्षित वातावरण में रखा गया। परिवार ने मीडिया और सार्वजनिक जीवन से दूरी बनाए रखी ताकि वे सामान्य जिंदगी की ओर लौट सकें।
आज कहां हैं एलिजाबेथ?
एलिजाबेथ के वर्तमान जीवन को लेकर सार्वजनिक जानकारी बेहद सीमित है। सुरक्षा और निजता के कारण उनकी पहचान तथा रहने की जगह को सार्वजनिक नहीं किया गया।
विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि वह अपने बच्चों के साथ ऑस्ट्रिया के एक ग्रामीण इलाके में शांत और गुमनाम जीवन जी रही हैं।
कुछ रिपोर्टों में यह भी बताया गया कि बाद के वर्षों में एलिजाबेथ ने एक नया जीवन शुरू किया और एक व्यक्ति के साथ उनका संबंध बना। हालांकि उनकी वर्तमान जिंदगी से जुड़ी कई जानकारियां सार्वजनिक रूप से पुष्ट नहीं हैं।
एक भयावह कहानी का अंत
जोसेफ फ्रिट्जल का मामला आज भी दुनिया के सबसे भयावह
घरेलू अपराधों में गिना जाता है। यह घटना इस बात की
याद दिलाती है कि लंबे समय तक छिपा हुआ अत्याचार भी
एक दिन सामने आ सकता है।
एलिजाबेथ की कहानी बेहद पीड़ादायक होने के बावजूद इस
बात का उदाहरण भी है कि वर्षों की कैद और भय के बाद
भी इंसान नई जिंदगी की शुरुआत कर सकता है।
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